वाराणसी: देशभर में लगातार हो रहे प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक और दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलनरत छात्रों पर हुई पुलिसिया कार्रवाई के विरोध में यूथ कांग्रेस ने वाराणसी में तीखा और अनोखे अंदाज़ में प्रदर्शन किया।
बृहस्पतिवार शाम राजघाट (भैंसासुर घाट) स्थित गंगा तट पर युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का प्रतीकात्मक पिंडदान कर उनके तत्काल इस्तीफे की मांग उठाई।
“आत्मा मर चुकी है, इसलिए किया पिंडदान”: अनुपम राय
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे इंडियन यूथ कांग्रेस के उत्तर प्रदेश महासचिव एवं संगठन प्रभारी अनुपम राय ने केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि बीते एक दशक में डेढ़ सौ से ज्यादा बार पेपर लीक हो चुके हैं, जिससे देश का युवा वर्ग खुद को छला हुआ महसूस कर रहा है। राय के मुताबिक, बार-बार के विरोध के बावजूद सरकार टस से मस नहीं हो रही, और जिस मंत्रालय की कार्यशैली पूरी तरह विफल साबित हो चुकी है, वह मृतप्राय ही माना जाना चाहिए। इसी वजह से गंगा किनारे यह प्रतीकात्मक अनुष्ठान कर मंत्री को सद्बुद्धि मिलने और शीघ्र इस्तीफा देने की कामना की गई।
खुद तैयार किया इस्तीफा पत्र, बस अंगूठा लगाने की सलाह
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने एक दिलचस्प तरीका अपनाया — शिक्षा मंत्री के नाम पहले से लिखा हुआ त्यागपत्र मीडिया और आम जनता के सामने रखा गया। अनुपम राय ने व्यंग्यात्मक लहज़े में कहा कि मंत्री का काम आसान करने के लिए इस्तीफा पहले से ड्राफ्ट कर दिया गया है; अब वे चाहें तो हस्ताक्षर करें या सिर्फ अंगूठा लगाकर भेज दें, यूथ कांग्रेस उसे स्वीकार कर लेगी।
“सड़क से संसद तक जारी रहेगी लड़ाई”
संगठन के नेताओं ने साफ कर दिया कि जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ हुई सख्ती और दमनकारी रवैये के खिलाफ यह संघर्ष यहीं नहीं थमेगा। परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और युवाओं के अधिकारों के लिए पार्टी सड़क से लेकर संसद तक आवाज़ उठाती रहेगी।
इस मौके पर राकेश पाण्डेय, धीरज सिंह, शिवम दुबे, दुर्गा साहनी, पांचू साहनी, आयुष सिंह समेत बड़ी संख्या में यूथ कांग्रेस के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
