वाराणसी। वाराणसी मैरिज लान व्यापार मंडल के बैनर तले अंधरापुल स्थित एक लान परिसर में शनिवार को लान संचालकों की महापंचायत आयोजित की गई। बैठक में बड़ी संख्या में लान संचालकों ने भाग लेकर वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) द्वारा प्रस्तावित शुल्क का कड़ा विरोध किया और इसे अव्यवहारिक करार दिया। सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि इस प्रकार का शुल्क स्वीकार नहीं किया जाएगा।
पुराने कानूनों का हवाला देकर बोझ डालने का आरोप
महापंचायत में वक्ताओं ने आरोप लगाया कि प्रशासनिक अधिकारी पुराने कानूनों की आड़ में लान संचालकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ डालने का प्रयास कर रहे हैं। उनका कहना था कि इस तरह के निर्णयों से प्रदेश और केंद्र सरकार की छवि प्रभावित हो रही है, जिसका व्यापारी वर्ग पुरजोर विरोध करेगा।
बैठक को वाराणसी व्यापार मंडल के अध्यक्ष अजीत सिंह बग्गा, वाराणसी मैरिज लाइन व्यापार मंडल के अध्यक्ष अनिल सिंह पटेल, उपाध्यक्ष मृत्युंजय सोनकर तथा कोषाध्यक्ष नरेंद्र सोनकर ने संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन राजेश श्रीवास्तव ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन महामंत्री बबलू मिश्रा ने दिया।
“चार साल से चल रहा मानसिक उत्पीड़न”
व्यापार मंडल पदाधिकारियों ने बताया कि यह महापंचायत किसी की बुलाई हुई नहीं, बल्कि व्यापारियों की स्वतःस्फूर्त पहल थी। पदाधिकारियों के अनुसार, वीडीए द्वारा पिछले करीब चार वर्षों से लान संचालकों का लगातार मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा है — कभी छह महीने तो कभी बारह महीने बाद कोई नया मुद्दा उठाकर दबाव बनाया जाता है, जबकि प्रशासन को भली-भांति पता है कि लान व्यवसाय की वास्तविक स्थिति क्या है।
वक्ताओं ने बताया कि इस व्यवसाय से करीब 10 लाख लोगों का परिवार जुड़ा है, जबकि अधिकांश लान वर्ष में महज 25 से 50 दिन ही संचालित होते हैं। उनका कहना था कि जहां सरकार रोजगार सृजन के लिए तमाम सुविधाएं दे रही है, वहीं प्रशासन का रवैया इन्हीं रोजगारों को बंद कराने की दिशा में जाता दिख रहा है।
निर्णय: कवर्ड एरिया पर न्यूनतम शुल्क, खाली एरिया पर शुल्क नहीं
महापंचायत में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि:
- लान के केवल कवर्ड एरिया पर न्यूनतम शुल्क लेकर उसका नवीनीकरण किया जाए।
- खाली एरिया पर किसी प्रकार का शुल्क न लगाया जाए, क्योंकि यह क्षेत्र लान संचालकों के दायरे में नहीं आता।
- मौजूदा लानों की स्थिति यथावत रखी जाए।
- भविष्य में बनने वाले नए लानों पर नियम लागू हों।
- अन्यथा सभी व्यापारी आंदोलन के लिए तैयार रहें।
पदाधिकारियों ने उम्मीद जताई कि यदि यह मामला लखनऊ स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचता है, तो व्यापारियों के हित में सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा, क्योंकि मुख्यमंत्री की मंशा रोजगार देने की है, न कि रोजगार समाप्त करने की।
सोमवार को सौंपा जाएगा ज्ञापन, आगे की रणनीति बाद में तय होगी
बैठक में सभी व्यापारियों से एकजुट रहने की अपील की गई। पदाधिकारियों ने बताया कि सोमवार को प्रशासन को एक ज्ञापन (पत्रक) सौंपा जाएगा, और आगे का आंदोलन उसी के जवाब के आधार पर तय किया जाएगा।
उपाध्यक्ष मृत्युंजय सोनकर ने कहा कि कवर्ड एरिया का शुल्क देने में व्यापारियों को कोई आपत्ति नहीं है क्योंकि यह “जेन्युइन” मांग है, लेकिन खाली एरिया पर शुल्क थोपना अनुचित है। उन्होंने आरोप लगाया कि विकास प्राधिकरण का यह रवैया पिछले चार वर्षों से चल रहा है — बीच के दो वर्ष यह मामला ठंडे बस्ते में रहा — और यह प्रशासनिक स्तर पर व्यापारियों को सरकार के विरुद्ध भड़काने की मंशा को दर्शाता है, जबकि सरकार कभी नहीं चाहती कि व्यापारी प्रताड़ित हों।
उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि वीडीए अपनी बात पर अड़ा रहा, तो व्यापारी सड़क पर उतरकर खुले मंच से विरोध प्रदर्शन करेंगे।
