वाराणसी। केंद्रीय पूजा व रामलीला समिति के आह्वान पर रविवार को काशी में भव्य हिंदू धर्म ध्वजा यात्रा का आयोजन किया गया। यात्रा का नेतृत्व समिति के अध्यक्ष तिलक राज मिश्रा ने किया। यात्रा काशी स्टेशन से प्रारंभ होकर मुकीमगंज मच्छोदरी, विशेश्वरगंज, मैदागिन बुलानाला, नीचीबाग, चौक बांसफाटक और गोदौलिया होते हुए चित्तरंजन पार्क पर संपन्न हुई।
यात्रा के दौरान हजारों की संख्या में श्रद्धालु केसरिया ध्वज लेकर उत्साह के साथ झूमते नजर आए। “जात-पात की करो विदाई, हम सब हिंदू भाई-भाई” जैसे नारों से पूरा मार्ग गूंज उठा। पूरे रास्ते पुष्पवर्षा की गई और विभिन्न स्थानों पर अध्यक्ष तिलक राज मिश्रा का माल्यार्पण कर स्वागत हुआ। आयोजकों के अनुसार, अनुशासन और समन्वय के कारण इतनी लंबी यात्रा शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुई।
“एकता ही हमारी सबसे बड़ी ताकत“
समापन अवसर पर तिलक राज मिश्रा ने कहा कि जब समस्त हिंदू एक ध्वज के नीचे संगठित होते हैं, तभी समाज सशक्त बनता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह यात्रा किसी विरोध या प्रदर्शन के लिए नहीं, बल्कि एकता का संदेश देने के उद्देश्य से निकाली गई थी। “हम एक होंगे तो कोई हमारा उत्पीड़न नहीं कर पाएगा,”—उन्होंने कहा।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यात्रा के दौरान किसी देश के विरोध में तख्तियां या प्रदर्शन नहीं किए गए, क्योंकि कार्यक्रम का उद्देश्य सकारात्मक संदेश देना और सामाजिक समरसता को मजबूत करना था। “सिर्फ जुलूस या नारे परिवर्तन नहीं लाते, एकता और संगठन ही स्थायी समाधान हैं,” उन्होंने कहा।
काशी की विशेषता: भीड़ के बीच भी अनुशासन
यात्रा के दौरान विशेष बात यह रही कि अत्यधिक भीड़ के बावजूद किसी प्रकार की अव्यवस्था या असुविधा की सूचना नहीं मिली। आयोजकों ने बताया कि काशी विश्वनाथ मंदिर और काल भैरव मंदिर में नमन के बाद, गंगा आरती के समय के आसपास भी यात्रा सुचारु रूप से आगे बढ़ी। रविवार और त्योहारों के मौसम में सामान्यतः अत्यधिक भीड़ वाले काशी मार्गों पर भी यात्रा का शांतिपूर्ण ढंग से निकलना लोगों के बीच चर्चा का विषय रहा।
सामाजिक सौहार्द का आह्वान
वक्ताओं ने जातीय आधार पर विभाजन की प्रवृत्तियों पर चिंता व्यक्त करते हुए “एक राष्ट्र, एक समाज” की भावना को मजबूत करने का आह्वान किया। उनका कहना था कि भारत की ताकत उसकी विविधता में निहित एकता है और ऐसे आयोजनों से सामाजिक सौहार्द को बल मिलता है।
कुल मिलाकर, भव्य हिंदू धर्म ध्वजा यात्रा ने काशी में अनुशासन, उत्साह और एकता का संदेश दिया। आयोजकों और प्रतिभागियों के अनुसार, यह यात्रा धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक समरसता की भावना को और मजबूत करने की दिशा में एक सकारात्मक पहल रही।
