वाराणसी। नगर की प्रतिष्ठित सामाजिक, धार्मिक एवं व्यवसायिक संस्था जय श्री कृष्णा फाउंडेशन द्वारा वोकेशनल सेक्टर का पहला आईबीएफ (IBF) सेमिनार आगामी 18 जनवरी को आयोजित किया जाएगा। इस सेमिनार को “व्यवहार है तो व्यापार है” की सोच के साथ वोकेशनल सेक्टर का महाकुंभ बताया जा रहा है।
इस आयोजन में जनपद एवं नगर के लगभग 300 उद्यमी (एंटरप्रेन्योर) भाग लेंगे। सेमिनार में विभिन्न व्यवसायिक सेक्टरों में प्रगति, विस्तार, नई तकनीकों के उपयोग और कार्यक्षेत्र में आने वाली चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
2026 सत्र में हर माह होगा बिजनेस सेमिनार
आयोजकों ने बताया कि सत्र 2026 में कुल 12 अलग-अलग बैच के तहत हर माह एक बिजनेस सेमिनार आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। प्रत्येक सेमिनार किसी एक विशेष व्यवसायिक क्षेत्र पर केंद्रित होगा, जिससे स्थानीय उद्यमियों को निरंतर मार्गदर्शन और नेटवर्किंग का अवसर मिल सके।
आईबीएफ नेतृत्व में होगा आयोजन
यह पूरा सेमिनार श्रृंखला IBF के नेतृत्व में आयोजित की जाएगी। कार्यक्रम का संचालन आईबीएफ के सीईओ कृष्ण मोहन अग्रवाल, राकेश अग्रवाल, डॉ. शालिनी राणा एवं रिचा दुबे के मार्गदर्शन में होगा। आईबीएफ हेड और एम्बेसडर के निर्देशन में उद्यमियों को विशेषज्ञों से सीधे संवाद का अवसर मिलेगा।
18 जनवरी को JSK–IBF की आधिकारिक लॉन्चिंग
नए सत्र की पहली बैठक और JSK–IBF की आधिकारिक लॉन्चिंग 18 जनवरी को सुबह 9:30 बजे धरोहर रिसोर्ट में आयोजित होगी। इस अवसर पर सभी उद्यमियों, व्यवसायियों और इच्छुक प्रतिभागियों को आमंत्रित किया गया है।
बैठक की अध्यक्षता व आयोजन
आज के आयोजन की अध्यक्षता संस्था के संस्थापक संजीव अग्रवाल ने की। स्वागत भाषण अरविंद जैन द्वारा दिया गया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन अभिषेक भट्टाचार्य ने प्रस्तुत किया।
ये प्रमुख लोग रहे उपस्थित
कार्यक्रम में बृजेश दास लोड, वीरेंद्र कुमार, प्रदीप उपाध्याय, गौरव राठी, डॉ. आशीष गुप्ता, प्रदीप मल्होत्रा, आकांक्षा मिश्रा, दिव्या अग्रवाल, पूजा गुप्ता, नितेश सिंह, सीमा श्रीवास्तव, रमेश सेठ, मुन्ना चौरसिया, युक्ति गुप्ता, रूबी शाह, आयुष बुबना, पंकज जायसवाल, वर्षा केशरी, अनूप कुमार, ऋषि जायसवाल सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
उद्यमियों के लिए बड़ा मंच
आईबीएफ वोकेशनल सेक्टर सेमिनार को क्षेत्रीय उद्यमियों के लिए एक मजबूत मंच माना जा रहा है, जहां व्यवहार, कौशल, तकनीक और नेटवर्किंग के माध्यम से व्यवसाय को नई दिशा देने का प्रयास किया जाएगा। यह पहल वाराणसी और आसपास के क्षेत्रों में उद्यमिता को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
