वाराणसी। रामनगर के डोमरी स्थित आचार्य सीताराम चतुर्वेदी महिला महाविद्यालय में बाल शिक्षा मंडल काशी के संस्थापक, प्रख्यात साहित्यकार व पत्रकार आचार्य पंडित सीताराम चतुर्वेदी जी की 119वीं जयंती के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय समारोह (25, 26 एवं 27 जनवरी 2026) का तीसरा दिन भक्ति, संस्कृति और साहित्य को समर्पित रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के आगमन के बाद महाविद्यालय की छात्राओं द्वारा कुलगीत से हुआ। इसके पश्चात महाविद्यालय की निदेशक प्रो. कल्पलता पाण्डेय ने अतिथियों का वाचिक स्वागत किया। बाल विद्यालय माध्यमिक स्कूल, डोमरी की छात्राओं द्वारा गणेश वंदना प्रस्तुत की गई।
आचार्य जी का प्रिय भजन बना आकर्षण
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण संगीत शिक्षक हरेंद्र पाण्डेय एवं दीपक मिश्र द्वारा प्रस्तुत आचार्य जी का प्रिय भजन “झीनी रे झीनी चदरिया” रहा, जिसने श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया।
विशिष्ट अतिथि का सम्मान व उद्बोधन
भजन प्रस्तुति के बाद विशिष्ट अतिथि प्रो. मनोज कुमार मिश्र, विभागाध्यक्ष—वेद विभाग, केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय का सम्मान अंगवस्त्र, स्मृति चिन्ह एवं पौधा भेंट कर किया गया। सम्मान महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. राम नरेश शर्मा एवं बाल विद्यालय, डोमरी के निदेशक मुकुल पाण्डेय द्वारा किया गया।
अपने उद्बोधन में प्रो. मनोज कुमार मिश्र ने कहा कि आचार्य सीताराम चतुर्वेदी हिन्दी के विशिष्ट साहित्यकार और पत्रकार थे। उन्होंने ‘हनुमत चरित’ पर पहली मौलिक कृति की रचना की और ‘कालिदास ग्रंथावली’ जैसा साहसिक व अद्वितीय कार्य किया। वर्ष 1933 से 1938 तक वे ‘सनातन धर्म’ के संपादक रहे तथा मदन मोहन मालवीय के निजी सचिव के रूप में भी कार्य किया। उन्होंने 250 से अधिक ग्रंथों की रचना की।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और सम्मान
इस अवसर पर बाल विद्यालय माध्यमिक स्कूल, प्रह्लादघाट के बच्चों द्वारा ‘कृष्ण लीला’ का मंचन किया गया। महाविद्यालय की छात्राओं ने मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किए, जबकि बाल विद्यालय डोमरी की छात्राओं ने शास्त्रीय नृत्य से दर्शकों की सराहना बटोरी।
प्रख्यात नाटककार आशीष त्रिवेदी द्वारा नाटक का मंचन किया गया। उन्हें स्मृति चिन्ह, अंगवस्त्र एवं अभिनव भरत सम्मान के अंतर्गत ₹11,000 की नगद राशि प्रदान की गई। इस अवसर पर महाविद्यालय की पत्रिका ‘ऋतंभरा’ एवं ‘पाथेय’ का विमोचन भी किया गया।
मुख्य अतिथि का उद्बोधन
मुख्य अतिथि प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी, कुलपति काशी हिंदू विश्वविद्यालय का सम्मान अंगवस्त्र, स्मृति चिन्ह और पौधा देकर किया गया। उनकी धर्मपत्नी का भी सम्मान किया गया। कुलपति ने अपने उद्बोधन में कहा कि आचार्य जी अत्यंत प्रतिभावान व्यक्तित्व थे। उन्होंने बताया कि आचार्य जी से मिलने का उन्हें कई बार अवसर मिला और उनके माध्यम से उन्हें मालवीय जी के विचारों को निकट से जानने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन बाल विद्यालय, प्रह्लादघाट की प्रधानाचार्या स्नेहलता पाण्डेय ने किया। मंच संचालन डॉ. लक्ष्मी एवं अंजली विश्वकर्मा द्वारा किया गया। अंत में अतिथियों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
समारोह के समापन पर कुलपति द्वारा 119 दीपों का प्रज्वलन कर आचार्य पं. सीताराम चतुर्वेदी जी की 119वीं जयंती को स्मरणीय बनाया गया। कार्यक्रम में प्रो. आशा पाण्डेय, नरेंद्र देव मिश्र, अवधेश नारायण चतुर्वेदी, डॉ. आर.के. मिश्र, आशुतोष पाण्डेय, ज्ञानेश पाण्डेय, नीता त्रिपाठी, अपूर्वा पाण्डेय, डॉ. अरुण कुमार दुबे सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
